बीबीसी में छंटनी होगी, 2,000 कर्मचारियों को दिखाया जाएगा बाहर का रास्ता
मुंबई- ब्रिटेन के राष्ट्रीय प्रसारक ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन(BBC) खर्चों में कटौती करने के लिए लगभग 2,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय में बीबीसी द्वारा की जाने वाली यह सबसे बड़ी छंटनी है। इस फैसले के साथ बीबीसी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में अपने वार्षिक बजट का 10% जो करीब 677 मिलियन डॉलर बचाना है।
स्टाफ के साथ एक कॉल के दौरान इस फैसले की जानकारी दी गई। BBC के अंतरिम महानिदेशक रोड्रि तल्फन डेविस ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा, मैं जानता हूं कि इससे अनिश्चितता पैदा होती है, लेकिन हम आने वाली चुनौतियों के बारे में खुलकर बात करना चाहते थे। रोड्रि डेविस ने बजट में कटौती और नौकरियों के कम होने के पीछे कई बड़े कारण बताए हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी उथल-पुथल और बढ़ती मुद्रास्फीति। बीबीसी की कमाई का मुख्य जरिया ‘लाइसेंस फीस’ और कमर्शियल इनकम पर बढ़ता दबाव। स्ट्रीमिंग सेवाओं के दौर में पारंपरिक टेलीविजन देखने वालों की संख्या में कमी आना। यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब बीबीसी बड़े विवादों और नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बीबीसी न्यूज की प्रमुख डेबोरा टर्नेस और पूर्व महानिदेशक टिम डेवी ने एक डॉक्यूमेंट्री में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 जनवरी 2021 के भाषण की ‘गलत एडिटिंग’ के विवाद के बाद इस्तीफा दे दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में बीबीसी पर करीब 10 अरब डॉलर का मानहानि का मुकदमा किया हुआ है।
ब्रिटेन में बीबीसी को चलाने के लिए हर घर को सालाना 180 पाउंड यानी $244 की लाइसेंस फीस देनी होती है। प्रतिद्वंद्वी ब्रॉडकास्टर्स और फीस के विरोधी इस मॉडल पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि डिजिटल दौर में अब लोग पारंपरिक टीवी कम देखते हैं। ब्रिटेन की लेबर सरकार ने बीबीसी के लिए ‘स्थायी और उचित’ फंडिंग सुनिश्चित करने का वादा किया है, लेकिन लाइसेंस फीस की जगह किसी और मॉडल पर भी विचार किया जा सकता है।

