इन शेयरों में एक लाख रुपये का निवेश बन सकता है 1.61 लाख रुपये, यह है भाव
मुंबई- शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज हाउस कुछ चुनिंदा शेयरों पर मजबूत भरोसा जता रहे हैं। PSP प्रोजेक्ट्स और पार्क मेडी वर्ल्ड में आने वाले समय में दमदार तेजी देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज का मानना है कि इन शेयरों में मौजूदा स्तर से 38% से लेकर 61% तक की उछाल की उम्मीद है।
कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी PSP प्रोजेक्ट्स पर ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने बुलिश रुख अपनाया है। फर्म ने इस शेयर के भाव का लक्ष्य 1,028 रुपये रखा है जो मौजूदा स्तर से करीब 61% की संभावित बढ़त को दिखाता है। बुधवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर 3.59% की तेजी के साथ ₹638.50 पर बंद हुआ, जबकि इंट्राडे में यह ₹656.50 तक पहुंच गया था। लगातार दो दिनों में स्टॉक करीब 5% चढ़ चुका है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ी है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही में 65% सालाना वृद्धि के साथ ₹1100 करोड़ के एग्जीक्यूशन रन रेट का अनुमान जताया है। वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी ने ₹3000-₹3100 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस को बरकरार रखा है। वहीं, वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹4500–₹5000 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य तय किया गया है। इसके बाद वित्त वर्ष 2028 से 20–25% सालाना ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है।
ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की ऑर्डर बुक भी काफी मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में ₹5000 करोड़ का ऑर्डर फ्लो हासिल हुआ है। मार्च तिमाही में ₹4000-₹5000 करोड़ और वित्त वर्ष 2027 में ₹6000-₹8000 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी पार्क मेडी वर्ल्ड पर वेंचुरा सिक्योरिटीज ने खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए 284 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा 205 रुपये के स्तर से करीब 38.4% की संभावित बढ़त को दिखाता है।
वेंचुरा के मुताबिक कंपनी को स्ट्रक्चरल रूप से अनुकूल माहौल, क्षमता विस्तार और कुशल पूंजी प्रबंधन से फायदा मिलने की उम्मीद है। यह कंपनी एक नई लिस्टेड फर्म है, लेकिन तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर सेक्टर में इसकी मजबूत स्थिति बन रही है। खासतौर पर किफायती हेल्थकेयर सेगमेंट में इसका फोकस इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है।
कंपनी का ऑपरेटिंग मॉडल बड़े पैमाने पर काम करने, लागत को नियंत्रित रखने और बेहतर सेवा देने पर आधारित है, जो लंबे समय में ग्रोथ को सपोर्ट कर सकता है।

