नोएडा एयरपोर्ट का उदघाटन 28 को, प्रॉपर्टी के दामों में आ सकती है 28% तेजी

मुंबई- जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उदघाटन 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसकी वजह से जहां नोएडा के हाउसिंग मार्केट में रियल एस्टेट की कीमतों में तेजी आई है, वहीं यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आस-पास प्रॉपर्टी की कीमतों में 2020 से 2025 के बीच जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

पिछले पांच सालों में अपार्टमेंट की कीमतें लगभग तीन गुना हो गई हैं, जबकि प्लॉट की कीमतें औसतन 1.5 गुना बढ़ी हैं। कुछ खास माइक्रो-मार्केट में तो 5 गुना तक की वृद्धि देखी गई है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के दम पर निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

रहने की बेहतर सुविधाओं, रोजगार के सृजन और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधारों के चलते विकास का यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। अगले दो वर्षों में प्लॉट और अपार्टमेंट दोनों की कीमतों में क्रमशः 28% और 22% की वृद्धि होने की संभावना है। 

एनसीआर का दूसरा सिविल एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत के अब तक के सबसे महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में से एक है। शुरू होने पर एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की स्थिति में जेवर स्थित इस एयरपोर्ट से अपने अंतिम चरण में सालाना लगभग 22 करोड़ यात्रियों के आवागमन को संभालने की उम्मीद है। इससे एनसीआर की विमानन क्षमता में काफी वृद्धि के  साथ ही आर्थिक गतिविधियों और शहरी विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।

नोएडा का रियल एस्टेट बाजार इस समय एक अहम मोड़ पर है, जहां यह अपनी स्थानीय जड़ों और वैश्विक आकांक्षाओं के बीच संतुलन बना रहा है। इसका मुख्य कारण आगामी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।

वाणिज्यिक, औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और आवासीय परिवेशों के साथ एकीकृत करता है, ताकि आत्मनिर्भर शहरी केंद्र बनाए जा सकें। इस एयरपोर्ट को व्यापक आर्थिक परिवेश के केंद्र-बिंदु के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो औद्योगिक और मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टरों, लॉजिस्टिक्स केंद्रों और वाणिज्यिक केंद्रों से लैस है। एक्सप्रेसवे और मल्टीमॉडल ट्रांसिट नेटवर्कों के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा का समय और कम होने तथा इस क्षेत्र की निवेश-आकर्षण क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद है।

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