विदेशी निवेशकों की नजर में भारतीय बाजार आकर्षक स्तर पर, इन शेयरों में आएगी तेजी

मुंबई- एक तरफ डॉलर-रुपया और क्रूड बाजार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। दूसरी ओर बाजार इनके खिलाफ मजबूती भी दिखा रहा है। मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ के पीएमएस के इक्विटीज हेड अमित गुप्ता ने कहा कि 22000 की तरफ जो पिछली गिरावट आई थी उसके अंदर इस दो साल के कंसोलिडेशन में हमने पहली बार देखा कि मिड और स्माल कैप्स अब इंडेक्स को आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। ये बहुत अच्छा संकेत है।

उन्होंने कहा, हमने पिछले दो साल में रुपए को 83-84 से 94-96 के स्तर तक गिरते देखा है। इस अवधि में एफआईआई ने 20 अरब डॉलर के ऊपर की बिकवाली की। आज एफआईआई की होल्डिंग 15 साल के लो पर है। इंडियन इक्विटी में इनका स्टेक 14-15 फीसदी के आसपासहै। पहले उनकी हिस्सेदारी 21-22 फीसदी के आसपास रहती थी।

अगर हम इमर्जिंग मार्केट में इंडिया का प्रीमियम देखें तो वह 74 फीसदी से घटकर 27 फीसदी पर आ गया है। इसकी वजह यह है हमारे बाजारों की तुलना में कोरियन, चाइना,ब्राजील और जापान के मार्केट ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ओवरऑल इमर्जिंग मार्केट्स में बहुत अच्छा मूव आया जो हमारे मार्केट में नहीं आया। इससे हमारा प्रीमियम घट गया। अगर पिछले 10 साल का भी एवरेज देखें और लोएस्ट प्वाइंट उठाएं तो हमारा प्रीमियम 22 फीसदी आता है।

अगर आप बाजार को किसी एफआईआई के नजरिए से देखें तो पिछले दो साल में जितनी भी नेगेटिव न्यूज़ आई हैं, उसके चलते जो आउटफ्लो हुआ है उसकी वजह से इंडिया अब एक अट्रैक्टिव लेवल पर आ चुका है। इसीलिए मिड और स्माल कैप्स के अंदर हमें रिलेटिव आउट परफॉर्मेंस देखने को मिल रहा।

उन्होंने कहा कि अगर आप मार्च की गिरावट और अप्रैल के पुलबैक को कंबाइन करें और चार ऐसे सेक्टर्स चुनें जिनमें तुलनात्मक रूप से बहुत अच्छा मनी फ्लो देखने को मिला है तो उसमें नंबर वन पर है पावर सेक्टर। इस मतलब ये है कि पावर सेक्टर पिकअप कर रहा है। डेटा सेंटर्स के लिए पावर की बढ़ती मांग भी इस सेक्टर के शेयरों को सपोर्ट करेगी।

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