एलपीजी संकट की आड़ में ज्यादा पैसा वसूल रहे होटल और रेस्तरां पर होगी कार्रवाई
मुंबई- एलपीजी संकट की आड़ में कुछ होटल और रेस्टोरेंट्स के ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें मिल रही हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए चेतावनी दी है कि अगर होटल और रेस्टोरेंट्स ने एलपीजी चार्ज और गैस लागत जैसे अतिरिक्त चार्ज लगाए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीसीपीए ने एक बयान में कहा कि होटल और रेस्टोरेंट्स द्वारा उपभोक्ताओं के बिलों में एलपीजी शुल्क, गैस अधिभार और ईंधन लागत वसूली जैसे अतिरिक्त शुल्क लगाने को संज्ञान में लिया गया है। सीसीपीए ने पाया कि सेवा शुल्क संबंधी मौजूदा दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर ऐसे शुल्क लगाए जा रहे हैं। प्राधिकरण ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 10 के तहत एक परामर्श जारी किया है। इसमें निर्देश दिया गया है कि ऐसे कोई भी शुल्क स्वतः नहीं लगाए जाएंगे और उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बयान में कहा गया, ‘राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर प्राप्त शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर, सीसीपीए ने पाया है कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट मेन्यू में प्रदर्शित खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की कीमत और लागू करों के अतिरिक्त, उपभोक्ता बिल में ऐसे अतिरिक्त शुल्क स्वतः ही जोड़ रहे हैं।’ इस तरह की गतिविधियों से पारदर्शिता की कमी होती है और उपभोक्ताओं पर अनुचित लागत का बोझ पड़ता है।
सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि ईंधन, एलपीजी, बिजली और अन्य परिचालन व्यय जैसी कच्चे माल की लागत कारोबार चलाने की लागत का हिस्सा हैं और इन्हें मेन्यू आइटम की कीमत तय करते समय शामिल किया जाना चाहिए।
सीसीपीए ने सलाह दी कि कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में स्वतः ही एलपीजी शुल्क, गैस शुल्क या इसी तरह के शुल्क नहीं जोड़ेगा। मेन्यू में प्रदर्शित कीमत अंतिम कीमत होनी चाहिए, जिसमें लागू कर शामिल नहीं हैं। उपभोक्ताओं को गुमराह नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें किसी भी ऐसे अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य किया जाएगा।

