छह महीने के निचले स्तर पर पहुंचा बाजार, बुधवार को 10 लाख करोड़ रुपये डूबे
मुंबई- घरेलू शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है। अब यह छह महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में 1,700 अंक से अधिक गिरावट आई जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 500 अंक से अधिक लुढ़क गया था। आखिरकार सेंसेक्स 1122.66 अंक यानी 1.40% गिरावट के साथ 79,116.19 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 385.20 अंक यानी 1.55% फिसलकर 24,480.50 अंक पर आ गया। इस गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये गिरकर 447 लाख करोड़ रुपये रह गया।
सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी और बजाज फिनसर्व में सबसे ज्यादा गिरावट आई। दूसरी ओर केवल भारती एयरटेल, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा फायदे में रहे। ब्रॉडर बाजार में निफ्टी मिडकैप 100 में 2.16 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.11 फीसदी तेजी आई। निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा करीब 4 फीसदी गिरावट आई। इसके बाद रियल्टी, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट रही।
इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 1,048 अंक टूट गया था। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों इंडेक्स अपने छह महीने के निचले स्तर पर थे। इस बीच कच्चे तेल की कीमत में आज फिर तेजी दिख रही है। ब्रेंट क्रूड 1.03 फीसदी तेजी के साथ 82.24 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। शनिवार से इसमें करीब 15 फीसदी तेजी आ चुकी है। मंगलवार को यह 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत में महंगाई बढ़ सकती है और रुपया कमजोर हो सकता है। डॉलर के मजबूत होने से मंगलवार को सोने और चांदी कीमत में गिरावट आई। कॉमेक्स पर सोने की कीमत में करीब 5 फीसदी और चांदी में 8 फीसदी गिरावट रही। इस बीच साउथ कोरिया का कॉस्पी 12 फीसदी से अधिक गिर गया। यह 12.6 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था जो कई साल में सबसे बड़ी गिरावट है।

