इन एनबीएफसी कंपनियों के शेयरों को खरीदने की ब्रोकरेज की सलाह, यह है भाव
मुंबई- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी NBFC सेक्टर के लिए मार्च तिमाही काफी मजबूत रही। ज्यादातर कंपनियों ने अच्छी कमाई दर्ज की, लोन बुक तेजी से बढ़ी और नए कर्ज बांटने की रफ्तार भी मजबूत रही। इससे यह संकेत मिला कि पिछले कुछ समय से दबाव झेल रहा सेक्टर अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।
अगर आने वाले महीनों में पेट्रोल-डीजल महंगा होता है और ग्रामीण इलाकों में बारिश कम रहती है, तो इसका असर ग्राहकों की कमाई और उनकी लोन चुकाने की क्षमता पर पड़ सकता है। यही वजह है कि मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद कंपनियां आने वाले समय को लेकर थोड़ा संभलकर चल रही हैं।
एंटीक की रिपोर्ट के मुताबिक, NBFC सेक्टर की कंपनियों का मुनाफा यानी PAT चौथी तिमाही में सालाना आधार पर करीब 30 प्रतिशत बढ़ा। वहीं तिमाही आधार पर इसमें करीब 24 प्रतिशत की तेजी रही। कंपनियों की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM में भी मजबूत बढ़त देखने को मिली। पूरे सेक्टर का AUM सालाना आधार पर करीब 19.5 प्रतिशत और तिमाही आधार पर करीब 5 प्रतिशत बढ़ा।
इस तिमाही में कंपनियों को एक बड़ी राहत फंड जुटाने की लागत में कमी से मिली। ज्यादातर NBFC कंपनियों की लागत में 16 से 46 बेसिस पॉइंट तक की गिरावट देखने को मिली। इससे कंपनियों के मार्जिन बेहतर हुए और मुनाफे को सहारा मिला। हालांकि एंटीक की रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे लागत में बहुत ज्यादा राहत मिलने की संभावना कम है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने और ब्याज दरों के असर के कारण FY27 में फंडिंग लागत स्थिर रह सकती है या थोड़ा बढ़ सकती है।
एंटीक की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा माहौल में गोल्ड फाइनेंस कंपनियां बेहतर स्थिति में रह सकती हैं। जब आर्थिक माहौल अनिश्चित होता है और दूसरे लोन सेगमेंट में मांग धीमी पड़ती है, तब लोग गोल्ड लोन की तरफ ज्यादा जाते हैं। इसी वजह से गोल्ड लोन कारोबार तेजी से बढ़ाने वाली कंपनियों को आने वाले समय में फायदा मिल सकता है। सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने को भी इन कंपनियों के लिए सकारात्मक माना गया है।
एंटीक की रिपोर्ट में Cholamandalam, Shriram Finance और India Shelter को पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा अनिश्चित माहौल के बावजूद इन कंपनियों की ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और बिजनेस मॉडल मजबूत बने हुए हैं।

