पोर्टलों पर से पुरानी खबरों को हटाने को रोजमार्टा के विवेक नागपाल की धमकी
मुंबई- रोजमार्टा डिजिटल ने इस समय एक नया तरीका अपनाया है। सभी पोर्टलों पर से दशकों पुरानी खबरों को हटाने के लिए इसने एक एजेंसी और एक वकील के जरिये पत्रकारों को खुलेआम धमकी देना शुरू कर दिया है। इसने कहा है कि अगर खबर नहीं हटी तो फिर वेबपेज पर दिक्कत होगी और साथ ही कानूनी चुनौती का भी पत्रकारों को सामना करना होगा।
रोजमार्टा के मालिक विवेक नागपाल हैं। इनकी ओर से एक कंपनी ने सभी पत्रकारों को ईमेल किया है और आईपीओ से लेकर सभी खबरें हटाने के लिए धमकी भी दिया है। हालांकि, बाद में एजेंसी ने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया लेकिन अब वकील के जरिये लीगल नोटिस भेजा जा रहा है। 2024 में कंपनी आईपीओ लाने वाली थी। लेकिन उस समय सेबी और वित्त मंत्रालय को भेजी गई दर्जनों शिकायतों के बाद कंपनी ने आईपीओ वापल ले लिया था। अब आईपीओ से संबंधित खबर छापने वालों को कंपनी लीगल नोटिस भेज रही है।
हाल में इसने कई पत्रकारों को नोटिस भेजकर कहा है कि वे इस खबर को हटा लें या फिर कानूनी चुनौती का सामना करें। ईमेल में कहा गया है कि हम अभी बहुत ही सामान्य और शांत तरीके से आपसे बात कर रहे हैं। अगर आपने खबर नहीं हटाई तो आपका पोर्टल प्राब्लम में आ सकता है। आपको हम कानूनी तरीके से निपटेंगे। कंपनी ने इस खबर को हटाने के लिए पैसे देने का आफर भी दिया है।अगर नहीं मानोगे तो प्राइवेसी स्ट्राइक मारेंगे वेबसाइट पर, गूगल के ज़रिए।
कंपनी के एसएमई आईपीओ को लेकर अब पहली बार सेबी और वित्त मंत्रालय व अन्य विभागों के पास शिकायतें पहुंची हैं। तीन साल पुरानी कंपनी रोसमारटा डिजिटल सर्विसेज के प्रमोटरों के खिलाफ भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), वित्त मंत्रालय सहित सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय तक हैं। कंपनी एसएमई आईपीओ से 200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। कंपनी के प्रमोटरों कार्तिक विवेक नागपाल, करण विवेक नागपाल और ट्रस्ट प्रमोटर आरती नागपाल और अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर डीआरएचपी में महत्वपूर्ण तथ्यों व जानकारी को जानबूझकर छिपाने और गलत वित्तीय आंकड़े देने का आरोप है।
विवेक नागपाल को सेबी ने प्रतिभूति बाजार में प्रवेश करने से भी पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। रोसमारटा डिजिटल , रोसमारटा समूह का हिस्सा है और विवेक नागपाल रोसमारटा के तहत विभिन्न व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्हें कई विवादों और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कंपनी के डीआरएचपी के पेज 75 के मुताबिक, रीना राय को तीन मार्च, 2021 से 30 मार्च, 2024 के बीच आरडीएसएल के 30,000 इक्विटी शेयर जारी किए गए थे। रीना ‘रेबा सिक्योरिटी सॉल्यूशंस की पूर्व निदेशक भी हैं। रीना रेबा एंड संस एलएलपी और रेबा इंडस्ट्रीज एलएलपी में नामित पार्टनर हैं। इन सभी का एक ही पंजीकृत पता है जो सेक्टर 18, गुरुग्राम में है। रेबा सिक्योरिटी आरडीएसएल के प्रमोटर समूह का हिस्सा है।

