वोडाफोन आइडिया के शेयरों में मिल सकता है भारी मुनाफा, यह है इसका कारण

मुंबई- ब्रोकरेज हाउस JM Financial ने वित्तीय संकट से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea को लेकर अपना नजरिया पहले के मुकाबले ज्यादा सकारात्मक किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह AGR यानी एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू राहत और प्रमोटर ग्रुप की नई फंडिंग योजना है। ब्रोकरेज का मानना है कि AGR राहत मिलने के बाद कंपनी का कर्ज काफी कम हुआ है, जिससे उसकी वित्तीय स्थिति पहले से बेहतर दिखाई दे रही है।

JM Financial के मुताबिक AGR राहत के बाद Vodafone Idea का कर्ज काफी कम हुआ है। इससे कंपनी की बैलेंस शीट पहले के मुकाबले मजबूत दिख रही है। मार्च 2026 तिमाही तक कंपनी का नेट डेट करीब ₹55,000 करोड़ घट गया। अब लीज लायबिलिटी को छोड़कर कंपनी का कुल नेट डेट करीब ₹1.49 लाख करोड़ रह गया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इसी वजह से टारगेट प्राइस बढ़ाया गया है।

हालांकि कंपनी पर अब भी बड़ा स्पेक्ट्रम बकाया बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक Vodafone Idea को हर तिमाही में स्पेक्ट्रम बकाया चुकाने के लिए बड़ी रकम खर्च करनी पड़ सकती है। Vodafone Idea के बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप की एक इकाई को करीब 230 करोड़ फुल कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की मंजूरी दी है। इन वारंट्स की कुल वैल्यू करीब ₹4,730 करोड़ होगी। बाद में इन्हें ₹11 प्रति वारंट के हिसाब से इक्विटी शेयरों में बदला जाएगा। ब्रोकरेज का मानना है कि इससे निवेशकों और कर्जदाताओं का भरोसा बढ़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक Q4FY26 में कंपनी की हर ग्राहक से कमाई यानी ARPU बढ़कर ₹190 पहुंच गया। इसके अलावा सब्सक्राइबर लॉस भी पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है। कंपनी की 4G विस्तार और 5G रोलआउट योजना का असर अब धीरे धीरे दिखने लगा है।

JM Financial ने AGR राहत मिलने और प्रमोटर ग्रुप की नई फंडिंग योजना के बाद वोडाफोन आइडिया का टारगेट प्राइस 9 से बढ़ाकर 14 रुपये कर दिया है।हालांकि ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। वोडाफोन आइडिया का शेयर सोमवार को 0.23% की मामूली बढ़त के साथ 12.98 पर बंद हुआ। JM Financial के टारगेट के हिसाब से इसमें करीब 7 प्रतिशत तक तेजी की गुंजाइश है।

JM Financial का कहना है कि आगे सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि Vodafone Idea को ₹25,000 करोड़ की डेट फंडिंग मिलती है या नहीं। अगर कंपनी को यह फंडिंग मिलती है, तो नेटवर्क विस्तार तेज हो सकता है और इससे कंपनी की बाजार हिस्सेदारी सुधारने में मदद मिल सकती है।

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