सब्जियों की कीमतों में भारी कमी, आलू 4 रुपये, प्याज 10 और टमाटर 7 रुपये किलो

मुंबई- जनवरी से सब्जियों की कीमतें तेजी से गिरी हैं। इससे ग्राहकों को राहत मिली है। लेकिन, किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आलू की कीमतें 40%, प्याज की 50% और टमाटर की 80% तक गिर गई हैं। इसकी मुख्य वजह बाजार में सप्लाई का बहुत ज्‍यादा होना और कटाई के मौसम में फसलों की भारी आवक है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख थोक बाजारों में से एक आजादपुर (दिल्‍ली) में आलू लगभग 4 रुपये किलो है। वहीं, लासलगांव (महाराष्‍ट्र) में प्याज 10-11 रुपये किलो बिक रहा है। राज्‍य के पिंपलगांव में टमाटर लगभग 7 रुपये किलो के भाव में पहुंच गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, रोजमर्रा के जरूरी सामानों की कीमतें भी कम हुई हैं। गेहूं लगभग 10% और चावल 5-6% सस्ता हुआ है।

किसानों का कहना है कि इन वजहों से कीमतें इतनी नीचे गिर गई हैं कि उन्हें अपनी लागत भी नहीं मिल पा रही है। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आयातित सामानों की बढ़ती कीमतों से पैदा हुए महंगाई के दबाव को कम करने में इन सस्ती सब्जियों से कुछ मदद जरूर मिली है।

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से प्याज के निर्यात की मांग कम हो गई है। कटाई के पीक सीजन में घरेलू बाजार में प्याज का अंबार लग गया है। वहीं दूसरी तरफ एलपीजी संकट ने टमाटर की खपत को भी काफी हद तक कम कर दिया है। टमाटर होटलों और रेस्टोरेंट में बनने वाली कई तरह की सब्जियों का एक अहम हिस्सा होता है।

होटलों और रेस्टोरेंट से टमाटर की जो मांग फरवरी के आखिर से ही एलपीजी संकट की वजह से कम होनी शुरू हो गई थी, वह इस हफ्ते लगभग पूरी तरह से ही खत्म हो गई है। इसी वजह से पिछले एक महीने में टमाटर की कीमतें 40% तक गिर गई हैं।

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