एलआईसी को 23,467 करोड़ रुपये का फायदा, हर शेयर पर 10 रुपये का डिविडेंड
मुंबई- सरकारी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) का मुनाफा सालाना आधार पर 23% बढ़कर मार्च तिमाही में 23,467 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 19,039 करोड़ रुपये था।
LIC ने शेयरधारकों के लिए 10 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की भी घोषणा की है।
बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और कारोबार में बढ़ोतरी की बदौलत कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध बीमा कंपनियों की वित्तीय स्थिति मापने वाला सॉल्वेंसी रेशियो मार्च तिमाही में बढ़कर 2.35 हो गया। एक साल पहले यह 2.11 था, जबकि दिसंबर तिमाही में 2.19 रहा था। सॉल्वेंसी रेशियो में सुधार यह दिखाता है कि कंपनी भविष्य की देनदारियों को पूरा करने की बेहतर स्थिति में है। हालांकि, 13वें महीने का परसिस्टेंसी रेशियो कुछ कमजोर रहा। यह मार्च तिमाही में 67.77% दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 68.62% और दिसंबर तिमाही में 69.36% था।
मार्च तिमाही के दौरान LIC का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 5.1% बढ़कर 57.3 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली। यह सालाना आधार पर 41.63% बढ़कर 14,179 करोड़ रुपये पहुंच गया। VNB यह बताता है कि कंपनी नए बीमा कारोबार से भविष्य में कितना मूल्य और मुनाफा पैदा कर सकती है।
हाल के वर्षों में निवेशकों की नजर LIC के मुनाफे, उत्पाद पोर्टफोलियो और एसेट क्वालिटी पर बनी हुई है। कंपनी लगातार अपने मार्जिन बेहतर करने और नॉन-पार्टिसिपेटिंग (Non-Par) प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ाने पर काम कर रही है, जिससे कमाई की गुणवत्ता मजबूत हो सके। मार्च तिमाही के नतीजे भी इसी दिशा में प्रगति का संकेत देते हैं। नए कारोबार से बेहतर कमाई और VNB में मजबूत उछाल इसका उदाहरण है।
LIC के सीईओ और एमडी आर. दोराईस्वामी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए संतोषजनक रहा। सभी कारोबारी क्षेत्रों में मजबूत वृद्धि देखने को मिली, जिसके चलते कई प्रदर्शन संकेतकों ने रिकॉर्ड स्तर हासिल किए। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत बीमा कारोबार में APE आधार पर Non-Par उत्पादों की हिस्सेदारी 35% से अधिक रही।

