HDFC Bank के शेयरों में गिरावट में म्यूचुअल फंड्स ने खरीदे 17250 करोड़ के शेयर
मुंबई- पिछले महीने एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने एकाएक इस्तीफा दिया तो इसके शेयर धड़ाम हो गए। हालांकि इस गिरावट का म्यूचुअल फंड्स ने तगड़ा फायदा उठाया और पिछले महीने मार्च में बैंक के ₹17,250 करोड़ के शेयर खरीद डाले।
मार्च में एचडीएफसी बैंक के शेयर 17.5% से अधिक टूटे थे जोकि मार्च 2020 के बाद से इसके शेयरों के लिए किसी महीने सबसे बड़ी गिरावट रही। मार्च में यह लगातार चौथे महीने कमजोर हुआ और इस साल अब तक यह करीब 20% फिसल चुका है।
मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से 49 म्यूचुअल फंड्ल के पास एचडीएफसी बैंक के ₹2.79 लाख करोड़ के 380.81 करोड़ शेयर हैं जबकि फरवरी महीने के आखिरी में उनके पास ₹3.19 लाख करोड़ के 360 करोड़ थे। मार्च में सबसे अधिक ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने ₹5,073 करोड़ के अतिरिक्त शेयर खरीदे।
एसबीआई म्यूचुअल फंड ने ₹2,706 करोड़ और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने ₹2,145 करोड़ के शेयर खरीदे। मार्च के आखिरी में ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के पास बैंक के ₹42,626 करोड़, एसबीआई म्यूचुअल फंड के ₹60,646 करोड़ और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के पास ₹24,429 करोड़ के शेयर थे।
मार्च महीने में जब बैंक के शेयर धड़ाम हुए थे, पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने ₹2,037 करोड़, यूटीआई म्यूचुअल फंड ने 1,089 करोड़ रुपये, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने ₹1,075 करोड़ और डीएसपी म्यूचुअल फंड ने ₹822 करोड़ के शेयर खरीदे। इसके अलावा आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड, एडलवाइज म्यूचुअल फंड, केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड और मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने भी खरीदारी की।
बैंक के लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से विदेशी निवेशकों की बैंक में हिस्सेदारी मार्च में करीब 3.6% कम हुई। यह लगातार तीसरा महीना रहा, जब विदेशी निवेशकों ने एचडीएफसी बैंक में अपनी होल्डिंग कम की है। दिसंबर 2025 के आखिरी में उनकी होल्डिंग 47.67% थी जोकि मार्च 2026 के आखिरी में घटकर 44.05% रह गई। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की होल्डिंग बढ़ी है।
म्यूचुअल फंड्स ने लगातार पांचवी तिमाही अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है और मार्च तिमाही में ₹28,293 करोड़ में 38.67 करोड़ शेयर यानी करीब 2.88% हिस्सेदारी खरीदकर अपनी होल्डिंग तिमाही आधार पर 26.66% से 29.54% कर ली। प्रोविडेंट फंड्स ने भी मार्च तिमाही में ₹2,239 करोड़ और बीमा कंपनियों ने करीब ₹256 करोड़ के शेयर खरीदे।

