मिड कैप का जलवा, 1 साल में 86% का रिटर्न, 5 फंड हाउस में ICICI प्रूडेंशियल फायदा देने में टॉप पर
मुंबई– पिछले 1 साल में म्यूचुअल फंड की मिड कैप स्कीम्स ने निवेशकों को बेहतर फायदा दिया है। देश के 5 बड़े म्यूचुअल फंड हाउस के मिड कैप ने 1 साल में 70% से ज्यादा का फायदा दिया है। इसमें ICICI प्रूडेंशियल ने सबसे अधिक 86% का रिटर्न दिया है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मिड कैप फंड के फंड मैनेजर प्रकाश गौरव कहते हैं कि जब भी बात संपत्तियों में अधिक बढ़त की आती है, मिडकैप ऐतिहासिक रूप से हमेशा लंबे समय में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। पिछले 10 सालों में करीबन 34 मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियां लॉर्ज कैप बन गई हैं।
टॉप मिड कैप फंडों के रिटर्न की बात करें तो अर्थलाभ के आंकड़ों के मुताबिक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मिड कैप ने 1 साल में 86.18% का रिटर्न दिया है। जबकि निप्पोन इंडिया ग्रोथ फंड ने 74.16, एक्सिस मिड कैप फंड ने 57.62%, कोटक एमर्जिंग इक्विटी फंड ने 79.86, डीएसपी मिड कैप फंड ने 57.40% और एचडीएफसी मिड कैप अपोर्च्युनिटीज फंड ने 75.19% का रिटर्न दिया है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मिड कैप को करीबन 10 साल पहले लांच किया गया था। यह लगातार हर समय में बेहतर प्रदर्शन करता रहा है। इसके फंड मैनेजर को 18 सालों का फंड मैनेजमेंट का लंबा अनुभव है। मिड कैप के पोर्टफोलियो की बात करें तो यह मूल्यवान और ग्रोथ वाले शेयरों में निवेश करता है। कई सारे पैरामीटर्स को ध्यान में रख कर निवेश किया जाता है। यह स्कीम लॉर्ज कैप में वहां निवेश करती है, जहां मिड कैप नहीं होते हैं।
वर्तमान में यह पोर्टफोलियो फाइनेंशियल और हेल्थकेयर पर फोकस करती है। खासकर स्पेशियालिटी केमिकल्स, व्हाइट गुड्स, मोबाइल, रिसर्च और फार्मा जैसे सेक्टर्स इसमें हैं। इसमें इसलिए भी फायदा मिल सकता है क्योंकि चीन को इन सेक्टर्स में प्रतिबंध किया जा रहा है। साथ ही कोरोना की बीमारी से फार्मा सेक्टर को अच्छा फायदा हो रहा है। इससे हेल्थकेयर सेवाओं की मांग बढ़ गई है।
विश्लेषकों के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में लॉर्ज कैप की तुलना में मिड कैप ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था, पर अब आने वाले समय में मिड कैप एक अच्छा विकल्प दिख रहा है। सरकार ने जो ढांचागत सुधार किया है, उसका उन कंपनियों को ज्यादा फायदा मिलेगा, जो मिड कैप में काम करती हैं। साथ ही कम ब्याज दरें भी मध्यम आकार वाली कंपनियों के लिए अच्छा काम करती है।
प्रकाश गौरव कहते हैं कि कुछ कंपनियां और इंडस्ट्री केवल मिड कैप सेगमेंट में ही काम करती हैं। उदाहरण के लिए एयर कंडीशनर्स, डायग्नोस्टिक या फिर होटल जैसी कंपनियां ज्यादातर मिड साइज कंपनियां होती हैं। इसमें से ज्यादातर कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी में बढ़त की संभावना बनी रहती है।

