शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बावजूद SIP के जरिये निवेश में 21 फीसदी तेजी
मुंबई- पश्चिम एशिया में तनाव के चलते भारत समेत दुनियाभर के बजारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद म्युचुअल फंड्स में खुदरा निवेशकों का भरोसा बरकरार है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में SIP के जरिए निवेश 20.81 फीसदी बढ़कर 3,49,589 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 2,89,352 करोड़ रुपये था।
मार्च में, तो SIP का निवेश 32,087 करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। SIP निवेश म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। यह आंकड़ा दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का रुझान लंबी अवधि के निवेश की ओर बना हुआ है।
मार्च में खुदरा निवेशकों ने एसआईपी के माध्यम से म्युचुअल फंड्स में 32,087 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश किया, जो अब तक का उच्चतम स्तर है। इससे पहले फरवरी में यह आंकड़ा 29,845 करोड़ रुपये रहा था, जबकि जनवरी में निवेशकों ने 31,002 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इससे पता चलता है कि शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद रिटेल इनवेस्टर्स ने निवेश जारी रखा।
मार्च में सिप से निवेश तब बढ़ा, जब मध्यपूर्व में लड़ाई के चलते शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। इसके बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। मार्च में सेसेंक्स 11.5 फीसदी गिरा था, जबकि निफ्टी में 11.3 फीसदी गिरावट आई थी। बीएसई मिडकैप 150 सूचकांक 10.8 फीसदी और बीएसई स्मॉलकैपस 250 सूचकांक 10.33 फीसदी गिरा था।
मार्च में सिप अकाउंट की संख्या में भी इजाफा हुआ। यह फरवरी के 9.44 करोड़ से बढ़कर मार्च में 9.72 करोड़ हो गया। मार्च में करीब 52.98 लाख नए सिप रजिस्टर हुए, जबकि करीब 53,38 लाख सिप रोक दिए गए या मैच्योर हो गए। इस आधार पर सिप स्टॉपेज रेशियो करीब 101 फीसदी रहा। रोक दिए गए सिप की संख्या को नए रजिस्टर्ड सिप की संख्या से डिवाइड करने पर सिप स्टॉपेज रेशियो का पता चलता है। इसका मतलब है कि सिप के क्लोजर या मैच्योरिटी की भरपाई नए सिप की संख्या से हो गई।
मार्च में निवेश बढ़ने के बावजूद सिप के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में गिरावट आई। इसकी वजह बाजार में उतार-चढ़ाव हो सकता है। SIP का एयूएम फरवरी के 16.64 लाख करोड़ रुपये से घटकर मार्च में 15.11 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एयूएम में सिप एयूएम की हिस्सेदारी करीब 20.5 फीसदी है।

