चुपचाप खत्‍म हो रही हीलियम गैस, अस्पतालों से लेकर हाई-टेक फैक्‍ट्र‍ियों तक में इस्‍तेमाल

मुंबई-मिडिल ईस्‍ट में जारी तनाव से सप्लाई चेन हिल गई है। इस बीच हीलियम गैस चुपचाप ग्‍लोबल संकट के केंद्र में आ गई है। इसका इस्‍तेमाल अस्पतालों के स्कैन से लेकर हाई-टेक फैक्‍ट्रियों और सेमीकंडक्‍टर इंडस्‍ट्री तक में होता है। यह दुनिया से अचानक खत्‍म होने लगी है। युद्ध की इसे बहुत बड़ी मार पड़ी है।

इस महीने की शुरुआत में ग्‍लोबल हीलियम सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा। कतर के रास लफान औद्योगिक शहर पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण वहां काम रोकना पड़ा। रास लफान हीलियम उत्पादन का दुनिया का सबसे बड़ा केंद्र है। इससे रातों-रात ग्‍लोबल सप्लाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा खत्म हो गया।

होर्मुज पर तेहरान की ओर से अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद के चलते सप्‍लाई और टाइट हो गई। इससे पश्चिमी देशों के जहाजों को ‘केप ऑफ गुड होप’ के रास्ते से घूमकर जाना पड़ा। इसने यात्रा का समय और नुकसान काफी बढ़ा दिया।

लिक्विड हीलियम के लिए यह स्थिति और भी बदतर है। इसे बहुत कम तापमान पर रखना पड़ता है। लंबी यात्राओं में इसके उड़ने का खतरा रहता है। इसके कारण ताजा संकट को अक्सर ‘हीलियम शॉर्टेज 5.0’ कहा जाता है। अब एक जोखिम से आगे बढ़कर यह एक व्यवस्थित ग्‍लोबल सप्लाई रुकावट बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *