रॉकेट की रफ्तार से भागेगा अपना शेयर बाजार, जानिए कहां तक जाएगा और कैसे
मुंबई-एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज (Emkay Global Financial Services) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू बाजार में जल्द ही शानदार रिकवरी देखने को मिल सकती है। कच्चे तेल की तेजी कमजोर पड़ने और शेयरों के प्राइस-टू-अर्निंग प्रीमियम (PE Premium) कम होने के कारण भारतीय शेयर बाजार में दमदार रिकवरी देखने को मिल सकती है।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91 रुपए के स्तर पर वापस जाएगा और 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा 6.83 प्रतिशत से घटकर लगभग 6.65 प्रतिशत हो जाएगी और सामान्य स्थिति में आने में दो से तीन महीने लगेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘निफ्टी पिछले तीन कारोबारी सत्रों में 5 प्रतिशत गिरा, जिसका मुख्य कारण लगातार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली थी। हमें उम्मीद है कि इस रुझान में बदलाव आएगा और भारत इस क्षेत्र में निवेश के बेहतर अवसरों में से एक बनकर उभर सकता है।
वित्त वर्ष 2027 में ब्रेंट क्रूड का औसत मूल्य 80 डॉलर प्रति बैरल रहने से भारत की GDP ग्रोथ घटकर 6.6 प्रतिशत हो जाएगी, जबकि महंगाई 4.3 प्रतिशत तक बढ़ सकती है और करेंट डेफिसिट यानी चालू खाता घाटा GDP के 1.7 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

