सोने के निवेश में अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपये डूबे, अब नहीं रह गया सुरक्षित निवेश

मुंबई-  ईरान युद्ध ने सोने के बारे में सदियों से चली आ रही सोच को बदलकर रख दिया है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सोने की कीमत में 18 फीसदी गिरावट आ चुकी है। इस दौरान सोने का मार्केट कैप 7.3 लाख करोड़ डॉलर कम हो चुका है। पिछले हफ्ते सोने की कीमत में भारी गिरावट आई। यह 1983 के बाद सोने के लिए सबसे खराब हफ्ता रहा।

नए हफ्ते के पहले दिन भी सोने की हालत में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। कल सोने के दाम में करीब 5 फीसदी गिरावट आई है। इससे गोल्ड का मार्केट कैप 1.5 लाख करोड़ डॉलर घट गया। भारत में भी 28 फरवरी के बाद से सोने कीमत में 29,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी आई है और यह 113 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुका है।

इरान युद्ध शुरू होने के बाद से हर हफ्ते सोने की कीमत में गिरावट आई है जबकि इस दौरान ट्रेजरी यील्ड और यूएस डॉलर में मजबूती आई है। निवेशक सोना बेचकर दूसरी जगह लगाकर अपने नुकसान की भरपाई कर रहे हैं। गोल्ड समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में भी भारी आउटफ्लो देखने को मिला है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हाल में नीतिगत ब्याज दरों को यथावत रखा। उसका कहना है कि महंगाई कम होने के बाद इस पर कोई फैसला किया जाएगा। लेकिन कच्चे तेल की कीमत में तेजी को देखते हुए फिलहाल महंगाई में कमी की उम्मीद नहीं है।

जनवरी के अंत में सोना 5,600 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया था। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद भी शुरुआत में सोने की कीमत में उछाल आया था। जानकारों का कहना है कि अगर लड़ाई लंबी खिंचती है तो मार्केट का ध्यान महंगाई से हटकर मंदी के जोखिमों पर चला जाएगा। इससे सोने की चमक एक बार फिर बढ़ सकती है।

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