एचडीएफसी बैंक ने अब 3 सीनियर एग्जिक्यूटिव्स को निकाला, एटी1 बॉन्ड मिससेलिंग
मुंबई- एचडीएफसी बैंक ने अपने तीन एग्जिक्यूटिव्स को बैंक छोड़ने को कहा है। इसकी वजह क्रेडिट सुइस के एडिशनल टियर 1 बॉन्ड्स की मिससेलिंग में उनकी कथित संलिप्तता है। प्राइवेट बैंक ने संपत कुमार, हर्ष गुप्ता और पायल मंधायन की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
संपत कुमार एचडीएफसी बैंक में ब्रांच बैंकिंग के ग्रुप हेड थे। हर्ष गुप्ता मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एनआरआई ऑनशोर बिजनेस के वाइस प्रेसिडेंट थे। पायल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे। सूत्रों बताया कि कथित मिस-सेलिंग मामले की जांच जारी रहने के बीच बैंक ने यह कदम उठाया है।
बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफा देने के दो दिन बाद बैंक से जुड़ी यह खबर आई है। चक्रवर्ती ने ‘मूल्य और नैतिकता’ का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। एचडीएफसी बैंक अपनी दुबई ब्रांच से हाई-रिस्क एटी-1 बॉन्ड्स की मिस-सेलिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। एक शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि बैंक ने अपने रिटेल कस्टमर्स को इन हाई-यील्ड इंस्ट्रूमेंट्स को ‘सुरक्षित निवेश’ बताकर बेचा था। क्रेडिट सुइस के दिवालिया होने और यूबीएस का उसका अधिग्रहण कर लेने पर इन बॉन्ड्स को राइट-ऑफ कर दिया गया था।
दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी (DFSA) ने इन हाई रिस्क और कॉम्प्लेक्स सिक्योरिटीज की सेल्स प्रोसेस में सही तरीके नहीं अपनाने की वजह से एचडीएफसी बैंक को नए कस्टमर्स बनाने से रोक दिया था। एक हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल ने इकोनॉमिक ऑफेसेंजे विंग (EoW) की नागपुर ब्रांच में शिकायत की थी। इस शिकायत में एचडीएफसी बैंक के चार अधिकारियों के नाम बताए गए थे।
इस बीच एचडीएफसी बैंक के शेयरों में कल भी गिरावट आई। शेयर बाजार में तेजी के बावजूद बैंक का शेयर 2.41% की गिरावट के साथ 780.45 रुपये पर बंद हुआ। पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफा देने से गुरुवार को बैंक का शेयर कारोबार के दौरान 9 फीसदी गिर गया था। बैंक का शेयर पिछले साल 23 अक्टूबर को 1020 रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था। लेकिन उसके बाद से इसमें 21% गिरवट आई है।

