2030 तक रोड इनविट्स का आकार दोगुना बढ़कर 5.45 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद
नई दिल्ली। घरेलू इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट हाईवे परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए प्रमुख माध्यम के रूप में उभरे हैं। अनुमान है कि रोड इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट्स) की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) पांच वर्षों में दोगुनी से अधिक बढ़कर 2029-30 तक 5.45 लाख करोड़ रुपये हो जाएंगी। यह अभी 2.46 लाख करोड़ रुपये है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और क्रिसिल इंटेलिजेंस की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब सरकार ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) 2.0 की शुरुआत की है। एनएमपी-1 योजना के जरिये 2021-22 और 2024-25 के बीच 5.3 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए। यह इसके कुल लक्ष्य की करीब 89 फीसदी रकम है।
रिपोर्ट के अनुसार, एनएमपी 2.0 का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक 12 इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में 16.7 लाख करोड़ रुपये का निवेश करना है। इसमें राजमार्ग क्षेत्र 4.14 लाख करोड़ रुपये के साथ सबसे बड़ा क्षेत्रीय आवंटन है। इसमें से 3.35 लाख करोड़ रुपये विशेष रूप से इनविट्स और टोटल ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर (टीओटी) संरचनाओं के माध्यम से मुद्रीकरण के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो 19,200 किलोमीटर सड़क परिसंपत्तियों के बराबर है। इस महत्वाकांक्षा का पैमाना बाजार की गति से मेल खाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस दायरे में इनविट्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट रहा है जिसका एयूएम 2020-21 में 0.60 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 2.46 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह 42 फीसदी की वृद्ध है। इसी अवधि में कुल इनविट्स परिसंपत्ति मूल्यांकन का एयूएम 18.5 प्रतिशत से बढ़कर 39 प्रतिशत हो गया है।
परिसंपत्ति मुद्रीकरण से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वित्त वर्ष 2023 और 2025 के बीच 72,000 करोड़ रुपये के ऋण भुगतान को सुविधाजनक बनाने में सक्षम रहा है। इसे 2020 से अब तक मुद्रीकृत 1.4 लाख करोड़ रुपये का समर्थन प्राप्त है।
भारत के 3.25 लाख किलोमीटर के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग नेटवर्क में से केवल लगभग 15,700 किलोमीटर राजमार्ग ही इनविट्स संरचनाओं के अंतर्गत लाए गए हैं। विजन-2047 के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को 2 लाख किलोमीटर से अधिक तक विस्तारित करने के लक्ष्य के साथ मुद्रीकरण योग्य संपत्तियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

