मोदी के सत्ता में आने के बाद से शेयर बाजार में रिकॉर्ड गिरावट आई, देखिए लिस्ट

मुंबई। नरेंद्र मोदी जब से केंद्रीय सत्ता में आए हैं, भारतीय शेयर बाजार विभिन्न कारणों से अच्छी खासी गिरावट दिखा रहा है। एक -एक दिन में यह 12 फीसदी से ज्यादा टूटा है। इससे निवेशकों की संपत्तियों में भी भारी गिरावट आई है। उदाहरण के तौर पर गुरुवार को बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों को 13 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी है।

आंकड़े बताते हैं कि बीएसई सेंसेक्स में कई बार ऐसे मेौके आए हैं जब अच्छी खासी गिरावट दिखी है। उदाहरण के तौर पर कोरोना के समय करीब पांच बार इसमें रिकार्ड गिरावट आई। 23 मार्च, 2020 को सेंसेक्स 13 फीसदी से ज्यादा टूटा तो 16 मार्च को 9.43 फीसदी की गिरावट आई। इसी तरह से 12 मार्च, 2020 को भी सेंसेक्स 8 फीसदी से अधिक टूटा था।

यही नहीं, नोटबंदी के दौरान नवंबर, 2016 में सेंसेक्स 5 फीसदी टूटा था। 3 जून, 2024 को जब मोदी को सभी एग्जिट पोल सत्ता में बता रहे थे तो बाजार में शानदारी तेजी दिखी, लेकिन 4 जून को एग्जिट पोल उलटा होने और भाजपा की सीटें सिमटकर 240 रह जाने से बाजार 4,389 अंक तक टूट गया। यह गिरावट करीब 6 फीसदी थी। 24 अगस्त, 2015 को चीन का बाजार क्रैश हुआ जिससे सेंसेक्स 6 फीसदी या 1,624 अंक तक टूट गया।

दरअसल, 2014 में जब नरेंद्र मोदी केंद्रीय सत्ता में आए तो उस समय उनके दावों के चलते निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। लेकिन तीसरी बार सत्ता में उनकी वापसी से वे सभी दावे गलत साबित हो गए। पिछले 12 साल में मोदी ने जितने वादे किए थे, उनमें से कई वादे सिर्फ घोषणा वाले ही साबित हुए हैं। इससे निवेशकों का विश्वास डगमगा गया है।

सेंसेक्स की भारी गिरावट और उसके कारण

23 मार्च, 2020       3,935 अंक (13.15 फीसदी) कोरोना

16 मार्च, 2020       2,713 अंक (9.43 फीसदी) कोरोना

12 मार्च, 2020       2919 अंक (8.2 फीसदी) कोरोना

21 जनवरी, 2008     1,408 अंक (7.41 फीसदी) वैश्विक मंदी संकट

24 अगस्त, 2015     1,624 अंक (5.94 फीसदी) चीन का बाजार क्रैश

4 जून, 2024         4,389 अंक (5.7 फीसदी) मोदी की जीत का एग्जिट पोल

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