जियो आईपीओ 40,000 करोड़ का, इसी माह जमा होगा डीआरएचपी, 17 मर्चेंट बैंकर चुने

मुंबई- रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए 17 ग्लोबल और घरेलू इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

जियो ने इस इश्यू को मैनेज करने के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों को ऑनबोर्ड किया हैं। इनके अलावा कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल जैसे घरेलू बैंक भी इस टीम का हिस्सा हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन लगभग 16 लाख करोड़ के आसपास हो सकती है। सेबी के नए नियमों के मुताबिक, जिन कंपनियों की वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ से ज्यादा है, वे सिर्फ 2.5% पब्लिक फ्लोट के साथ लिस्ट हो सकती हैं। ऐसे में रिलायंस सिर्फ 2.5% हिस्सेदारी भी बेचती है, तो वह ₹40,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है।

जेफरीज और CLSA जैसे विश्लेषकों का मानना है कि सेबी के संशोधित नियमों से जियो को काफी मदद मिलेगी। पहले कंपनियों को कम से कम 10% हिस्सेदारी बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब बड़े आईपीओ के लिए 2.5% की छूट दी गई है। इससे प्रमोटर्स का कंपनी पर कंट्रोल भी बना रहेगा और मार्केट में शेयरों की सप्लाई कम होने से लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमतों को सपोर्ट भी मिल सकता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज इस महीने के अंत तक सेबी के पास DRHP फाइल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें दिसंबर 2025 के अंत तक के फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। लिस्टिंग का सही समय बाजार की स्थिति और रेगुलेटरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

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