एचडीएफसी बैंक का शेयर 5 फीसदी से ज्यादा टूटा, निवेशकों के 66,000 करोड़ रुपये डूबे
मुंबई- देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक की स्थिति अच्छी नहीं है। बाजार की भारी गिरावट में इस शेयर की भी जमकर पिटाई हुई है। गुरुवार को सुबह के कारोबार में शेयर 8 पर्सेंट तक टूट गया जिससे इसके मार्केट कैप में एक लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। हालांकि, बाद में शेयरों की कीमतों में थोड़ा सुधार से यह गिरावट सिमट कर 66,000 करो़ड़ रुपये रह गई।
सुबह के सेशन में जब स्टॉक 8 पर्सेंट टूटा था उस समय मार्केट कैप एक लाख करोड़ घटकर 12 लाख करोड़ से नीचे आ गया था। उधर, टीसीएस अब 8.5 लाख करोड़ के साथ छठे नंबर पर आ गई है। कभी यह रिलायंस के बाद दूसरे नंबर की कंपनी हुआ करती थी। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका शेयर एक साल के शीर्ष 3708 से टूटकर 2356 के निचले स्तर पर आ गया है। इसी के साथ पहले 6 कंपनियां शीर्ष 10 लाख करोड़ के क्लब में थी, जो अब घटकर केवल तीन कंपनियां रह गई हैं।
एचडीएफसी बैंक के शेयरों की सबसे ज्यादा पिटाई कोरोना के दौरान हुई। मार्च. 2020 में इसका शेयर 26 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। इसके बाद दिसंबर, 2020 में आरबीआई ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया जिससे शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। जुलाई, 2023 में एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी विलय के बाद इसके शेयर 8 प्रतिशत से ज्यादा गिरे थे। जनवरी, 2024 में खराब रिजल्ट से शेयर 15 पर्सेंट तक टूट गए तो जनवरी, 2026 में भी कमजोर बिजनेस अपडेट के कारण 6.2 फीसदी तक गिर गया था।
एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट का असर यह हुआ है कि इसकी पूंजी अब काफी घट गई है। हालांकि, बावजूद इसके यह पूंजी के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। विश्लेषकों ने इसके शेयरों की खरीद के टारगेट को हटा दिया है। मैक्वेटी ने कहा, फिलहाल वह इसके शेयरों पर राय का इंतजार कर रहा है।

