मुकुल अग्रवाल ने इन दो शेयरों में लगाया दांव, जानिए क्यों की इतनी भारी खरीदी
मुंबई- मुकुल अग्रवाल के निवेश फैसलों पर बाजार की पैनी नजर रहती है। फिलहाल उनके पोर्टफोलियो में 72 शेयर हैं, जिनकी कुल वैल्यू करीब 5,946 करोड़ रुपये है। हाल ही में उन्होंने दो ऐसे स्टॉक्स में फिर से एंट्री ली है जिन्हें उन्होंने पिछले साल बेच दिया था।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों कंपनियों के शेयर पिछले चार महीनों में भारी गिरावट का सामना कर चुके हैं। इनमें से एक कंपनी Allcargo Logistics इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन देती है। वहीं, दूसरी वुड कोटिंग्स और डेकोरेटिव पेंट्स बनाती है।
Allcargo Logistics की स्थापना 1993 में हुई थी। कंपनी मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो, कंटेनर फ्रेट स्टेशन, कॉन्ट्रैक्ट लॉजिस्टिक्स और प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है। यह कंपनी एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में दुनिया की सबसे बड़ी LCL (Less than Container Load) कंसोलिडेटर मानी जाती है।
मुकुल अग्रवाल सितंबर 2021 से इस कंपनी में निवेशक थे। दिसंबर 2024 तिमाही में उनके पास कंपनी की 1 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जिसे उन्होंने बेच दिया था। लेकिन दिसंबर 2025 तिमाही की फाइलिंग में उन्होंने फिर से 2.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इस शेयर में एंट्री की है। उनकी यह हिस्सेदारी करीब 33 करोड़ रुपये की है।
Allcargo Logistics की 2019-20 में बिक्री 7,346 करोड़ रुपये थी। वहीं, FY25 में बढ़कर 16,022 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि मुनाफे में उतार चढ़ाव रहा है। FY22 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 965 करोड़ रुपये था, जो FY25 में घटकर 49 करोड़ रुपये रह गया। वहीं अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कंपनी का कुल मुनाफा सिर्फ 3 करोड़ रुपये रहा।
शेयर की कीमत मार्च 2021 में करीब 9 रुपये थी, जो जनवरी 2024 में बढ़कर 34 रुपये तक पहुंच गई। लेकिन 16 मार्च 2026 तक यह गिरकर करीब 8 रुपये रह गई। पिछले छह महीनों में ही यह शेयर करीब 50 प्रतिशत टूट चुका है।
Sirca Paints India Ltd की स्थापना 2006 में हुई थी। यह कंपनी ‘Sirca’ ब्रांड के तहत वुड कोटिंग्स और डेकोरेटिव पेंट्स बनाती और बेचती है। मुकुल अग्रवाल की पत्नी आशा मुकुल अग्रवाल सितंबर 2018 से इस कंपनी में निवेशक थीं। जून 2025 तिमाही के अंत तक उनके पास करीब 2.75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
लेकिन सितंबर 2025 तिमाही में उनकी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से नीचे आ गई, जिससे संकेत मिला कि उन्होंने अपनी हिस्सेदारी कम कर दी थी या पूरी तरह बाहर निकल गई थीं। हालांकि दिसंबर 2025 तिमाही की फाइलिंग में सामने आया कि उन्होंने फिर से 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इस शेयर में एंट्री की है। उनकी यह हिस्सेदारी करीब 59 करोड़ रुपये की है।
Sirca Paints की FY20 में बिक्री 134 करोड़ रुपये थी, जो FY25 में बढ़कर 372 करोड़ रुपये हो गई। यानी करीब 23 प्रतिशत की कंपाउंड ग्रोथ। हालांकि FY25 में मुनाफे में थोड़ी गिरावट आई और पिछले कुछ महीनों में शेयर कीमत में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। यह गिरावट Q3FY26 में रेवेन्यू में आई कमी और दिल्ली-NCR में निर्माण गतिविधियों पर मौसमी प्रतिबंधों की वजह से मानी जा रही है।
मार्च 2021 में यह शेयर करीब 160 रुपये पर था और मार्च 2026 तक 408 रुपये तक पहुंच गया। यानी पांच साल में करीब 155 प्रतिशत की तेजी। फिलहाल यह शेयर 38 गुना PE पर ट्रेड कर रहा है, जबकि इंडस्ट्री का औसत करीब 32 गुना है। दोनों कंपनियां फिलहाल कागज पर महंगी लग सकती हैं, लेकिन संभव है कि बाजार इनमें भविष्य के टर्नअराउंड की उम्मीद पहले से ही कीमत में शामिल कर रहा हो। आने वाली तिमाहियां ही बताएंगी कि मुकुल अग्रवाल का यह दांव कितना सफल साबित होता है।

