वैश्विक खराब स्थितियों के कारण फोनपे का आईपीओ टला, अब बाद में आएगा इश्यू
मुंबई- डिजिटल पेमेंट सेक्टर की कंपनी फोनपे ने फिलहाल अपनी पब्लिक मार्केट लिस्टिंग यानी IPO की प्रोसेस को रोक दिया है। ग्लोबल लेवल पर जारी जियोपॉलिटिकल टेंशन और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
कंपनी ने सोमवार को घोषणा की कि जब ग्लोबल कैपिटल मार्केट में स्थिरता आएगी, तब वह लिस्टिंग की प्रोसेस को दोबारा शुरू करेगी। फोनपे के सीईओ (CEO) समीर निगम ने इस फैसले पर कहा, ‘हम प्रभावित सेक्टरों में जल्द से जल्द शांति बहाली की उम्मीद करते हैं।
हालांकि, हमने अपने लिस्टिंग के प्लान को अभी टाल दिया है, लेकिन हम भारत में ही पब्लिक लिस्टिंग के लिए पूरी तरह कमिटेड हैं। इसका मतलब कंपनी भारतीय शेयर बाजार में ही लिस्ट होने की तैयारी में है, लेकिन फिलहाल सही समय का इंतजार कर रही है।
फोनपे भारत की एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी है। कंपनी का मुख्यालय भारत में ही है। फोनपे ने अपना डिजिटल पेमेंट एप 2016 में लॉन्च किया था। 30 सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, फोनपे के पास 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। इसके अलावा, कंपनी का डिजिटल पेमेंट एक्सेप्टेंस नेटवर्क 4.7 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स तक फैला हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन और इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक उभरते बाजारों में पैसा लगाने से हिचक रहे हैं। फोनपे जैसी बड़ी वैल्यूएशन वाली कंपनी के लिए यह जरूरी है कि जब वह बाजार में उतरे, तो निवेशकों का उत्साह बना रहे।

