आईडीबीआई बैंक का नहीं होगा डिसइन्वेस्टमेंट, शेयरों में 15 फीसदी की गिरावट
मुंबई-आईडीबीआई बैंक का शेयर सोमवार को बाजार खुलते ही करीब 15 फीसदी तक गिर गया। यह गिरावट तब आई जब सरकार ने बैंक (IDBI Bank) के रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया रद्द कर दी। हिस्सेदारी बिक्री के लिए मिली वित्तीय बोलियां तय किए गए रिजर्व प्राइस से कम थीं।
विनिवेश नियमों (Disinvestment News) के तहत सरकार रिजर्व प्राइस से कम बोली को स्वीकार नहीं कर सकती, जिससे प्राइवेटाइजेशन प्रक्रिया रुक सकती है। हिस्सेदारी बिक्री के लिए तय रिजर्व प्राइस काफी ऊंचा माना गया और यह बैंक के प्राइस-टू-बुक वैल्यूएशन के अनुरूप नहीं था।
शॉर्टलिस्ट किए गए बोलीदाताओं में Fairfax Financial Holdings और Emirates NBD ने 6 फरवरी को वित्तीय बोलियां जमा की थीं। कोटक महिंद्रा बैंक भी शॉर्टलिस्ट बोलीदाताओं में शामिल था, लेकिन उसने पहले ही संकेत दिया था कि वह वित्तीय बोली प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेगा। फिलहाल केंद्र सरकार के पास IDBI Bank Limited में 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि Life Insurance Corporation of India (LIC) के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
सरकार और LIC मिलकर बैंक में कुल 60.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे थे। इसमें केंद्र की 30.48 प्रतिशत और LIC की 30.24 प्रतिशत हिस्सा शामिल था। विनिवेश के बाद केंद्र के पास 15% हिस्सेदारी और LIC के पास 19% हिस्सेदारी रहने की उम्मीद थी। प्रस्तावित सौदे के तहत सरकार अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही थी, जिसकी मौजूदा बाजार कीमतों के आधार पर लगभग 30,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
आईडीबीआई बैंक स्टॉक प्राइस फिलहाल 13.61 प्रतिशत गिरकर 79.63 रुपये पर है। 5 दिनों में इसमें 20.43 प्रतिशत, 1 महीने में 28.85 प्रतिशत और 6 महीनों में 14.51 प्रतिशत की गिरावट आई है। 2026 में अब तक यह स्टॉक करीब 23.19 प्रतिशक गिर चुका है।

