15 दिन में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में बेचे 52,000 करोड़ के शेयर
मुंबई- भारतीय शेयर बाजार में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPIs) की बिकवाली लगातार जारी है। मार्च के शुरुआती दो हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने घरेलू इक्विटी बाजार से 52,704 करोड़ रुपए निकाले हैं। यह बिकवाली ऐसे समय में हुई है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।
फरवरी में FPIs ने बाजार में 22,615 करोड़ रुपए का निवेश किया था, जो पिछले 17 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर था। लेकिन मार्च की शुरुआत से ही विदेशी निवेशक हर ट्रेडिंग दिन पर नेट सेलर्स बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस भारी बिकवाली के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई प्रभावित होने के डर से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया है। इससे निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों में लगाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए के 92 के स्तर के पार पहुंचना और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी दबाव बनाया है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि पिछले 18 महीनों में भारतीय बाजार ने विकसित और अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले कम रिटर्न दिया है। इस वजह से विदेशी निवेशकों का रुझान भारत के प्रति कम हुआ है। उनके अनुसार, दक्षिण कोरिया, ताइवान और चीन इस समय भारत की तुलना में ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं, क्योंकि हालिया गिरावट के बाद वहां वैल्युएशन सस्ता है और कॉर्पोरेट अर्निंग की संभावनाएं बेहतर दिख रही हैं।

