मीशो का बुरा हाल, एक लाख रुपये का निवेश अब घटकर रह गया 60,000 रुपये
मुंबई- ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयरों में कल भारी गिरावट आई और शुरुआती एक घंटे में ही इसमें लोअर सर्किट लग गया। इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी को 1,500 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड का नोटिस भेजा है जो कंपनी के तीसरी तिमाही के ऑपरेटिंग रेवेन्यू (3,517 करोड़) का करीब आधा है।
शुक्रवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर 159.10 रुपये पर बंद हुआ और सोमवार को 147.60 रुपये पर खुला। लेकिन जल्दी ही यह 10 फीसदी के लोअर सर्किट में फंसकर 143.20 रुपये पर आ गया। दिसंबर हाई से कंपनी का शेयर 44 फीसदी गिर चुका है। यानी दिसंबर में एक लाख रुपये का निवेश इस समय 60,000 रुपये रह गया है।
मीशो का कहना है कि वह इनकम टैक्स विभाग के नोटिस का आंकलन कर रही है और इसे चुनौती देने पर विचार कर रही है। 1,499.73 करोड़ रुपये का यह नोटिस एसेसमेंट ईयर 2023-24 से संबंधित है। कंपनी ने कहा कि उसे पिछले एसेसमेंट ईयर में भी इस तरह का नोटिस मिला था। कर्नाटक हाई कोर्ट ने 17 अप्रैल, 2025 को इस पर अंतरिम रोक लगा थी और यह मामला अभी कोट में लंबित है।
मीशो ने कहा कि एसेसमेंट ऑर्डर और डिमांड नोटिस का उसकी फाइनेंशियल पोजीशन, ऑपरेशंस और दूसरी गतिविधियों पर कोइ असर नहीं होगा। मीशो की पिछले साल दिसंबर में धमाकेदार लिस्टिंग हुई थी। कंपनी के शेयर का इश्यू प्राइस 111 रुपये था और यह 46 फीसदी से ज्यादा प्रीमियम के साथ एनएसई पर 162.50 रुपये पर लिस्ट हुआ था। कंपनी का आईपीओ 79 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। लिस्टिंग के पहले हफ्ते में ही कंपनी का शेयर 254.40 रुपये पर पहुंच गया था।
लेकिन सोमवार को गिरावट के बाद यह अपनी लिस्टिंग प्राइस से 12 फीसदी नीचे आ चुका है। हालांकि यह अब भी इश्यू प्राइस से 29 फीसदी ऊपर है। जनवरी में कंपनी का घाटा दिसंबर तिमाही में पिछले मुकाबले के मुकाबले 13 गुना बढ़कर 491 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी 31 फीसदी की तेजी के साथ 3,517 करोड़ रुपये पहुंच गया।

