बाजार की गिरावट में मौका, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीदे 58,000 करोड़ के शेयर
मुंबई-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के चलते दुनिया भर के स्टॉक मार्केट में हाहाकार मचा है और DII यानी घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इसका फायदा उठाते हुए ताबड़तोड़ खरीदारी की। फरवरी के शुरुआती दिनों में निवेश की सुस्त रफ्तार के बाद म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, बैंक और पेंशन फंड जैसे डीआईआई ने बाजार की हालिया गिरावट के दौरान आक्रामक खरीदारी की। पश्चिमी एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण बाजार में बिकवाली बढ़ी और इस दौरान महज आठ कारोबारी दिनों में DIIs ने भारतीय शेयरों में ₹58,000 करोड़ से अधिक का निवेश कर दिया।
24 फरवरी के बाद से भारतीय शेयर मार्केट में तेज गिरावट आई। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी करीब 5% फिसल तो BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 3.4% और BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 4.1% गिर गया। इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने $100 करोड़ से अधिक के शेयर बेच दिए। इस साल 2026 में अब तक DIIs का भारतीय शेयरों में निवेश ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। डीआईआई ने यह निवेश करीब 39 कारोबारी दिनों में किया। हालांकि पिछले साल 2025 में DIIs ने पहला ₹1 लाख करोड़ निवेश सिर्फ 31 कारोबारी दिनों में किया था।
डीआईआई के खरीदारी को लेकर खास बात ये रही कि बाजार में तेज गिरावट वाले दिनों में यह तेज रही। 24 फरवरी को जब सेंसेक्स और निफ्टी 1.3% गिरे, तब DIIs ने ₹3,160 करोड़ के शेयर खरीदे। 25 फरवरी को ₹5,119 करोड़ और 26 फरवरी को ₹5,031 करोड़ का निवेश किया। 27 फरवरी को सेंसेक्स और निफ्टी की करीब 1.2% की गिरावट के दिन डीआईआई ने ₹12,300 करोड़, 2 मार्च को 1.3% की फिसलन के दिन ₹8,600 करोड़ और और 4 मार्च को 1.4% की गिरावट के दिन ₹12,000 करोड़ के शेयर खरीदे।
5 मार्च को बाजार की तेजी में DIIs ने ₹5,154 करोड़ से अधिक का निवेश किया। 6 मार्च को बाजार में फिर से गिरावट आने पर भी DIIs ने ₹6,971 करोड़ से अधिक के शेयर खरीदे। डीआईआई की इस मजबूत खरीदारी से पहले 1 फरवरी से 23 फरवरी के बीच DIIs ने करीब ₹14,000 करोड़ का निवेश किया था, जबकि एनएसई पर जनवरी में यह आंकड़ा लगभग ₹70,000 करोड़ था।

