चुनौतियों पर भारी घरेलू मांग, तीसरी तिमाही में 8.1 फीसदी की दर से बढ़ेगी जीडीपी

मुंबई- वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत घरेलू मांग और सभी क्षेत्रों में स्थिर आर्थिक गतिविधियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था में तेजी जारी रहेगी। एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 8.1 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। सरकार जीडीपी के दूसरे अग्रिम अनुमान 27 फरवरी को जारी करेगी।।

रिपोर्ट के अनुसार, उच्च आवृत्ति वाले आर्थिक संकेतक चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में लचीली आर्थिक गतिविधियों का संकेत दे रहे हैं। कृषि और गैर-कृषि दोनों गतिविधियों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के कारण ग्रामीण खपत मजबूत बनी हुई है। साथ ही, राजकोषीय प्रोत्साहन और पिछले त्योहारी सीजन के बाद से बढ़े हुए खर्च के कारण शहरी खपत में लगातार सुधार देखा गया है।

सरकार के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में जीडीपी में 7.4 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। इसमें घरेलू मांग का बड़ा योगदान रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक परिवेश में अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू खपत आर्थिक विस्तार को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। इन अनुमानों में अतिरिक्त आंकड़े और संशोधन शामिल होंगे और आधार वर्ष में संशोधन के कारण पहली और दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में बदलाव होने की संभावना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण बदलावों को देखते हुए जीडीपी आंकड़ों में होने वाले संशोधनों की दिशा का अनुमान लगाना कठिन है। आधार वर्ष में संशोधन का उद्देश्य अर्थव्यवस्था की वर्तमान संरचना को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करना है, जिसमें डिजिटल वाणिज्य और सेवा क्षेत्र की बढ़ती भूमिका जैसे बदलाव शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, भारत ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के लिए आधार वर्ष को भी 2024 तक अपडेट किया है, जिससे वर्तमान उपभोग पैटर्न के आधार पर मुद्रास्फीति का अधिक सटीक माप प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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