डिक्सन के शेयरों में आ सकती है भारी गिरावट, एक लाख पर 23,000 का घाटा
मुंबई- घरेलू स्टॉक मार्केट में मचे हाहाकार के बीच डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयर भी धड़ाम हो गए। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने इस कंपनी की रेटिंग में कटौती के साथ टारगेट प्राइस भी 23% घटा दिया। इसके चलते शेयर इंट्रा-डे में 3.47% टूटकर ₹11130 पर आ गए।
ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने डिक्सन टेक्नोलॉजीज की रेटिंग को डाउनग्रेड कर आउटपरफॉर्म से होल्ड कर दिया है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस भी ₹15,800 से 23% घटाकर ₹12,100 कर दिया। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि हाई बैंडविड्थ मेमोरी और डीडीआर5 की एआई से जुड़ी मांग के चलते मेमोरी इंडस्ट्री अब सुपर साइकिल में एंट्री कर रही है तो दूसरी तरफ मेनस्ट्रीम स्टोरेज को सप्लाई में कमी और बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है।
चूंकि डिक्सन टेक की आयात पर भारी निर्भरता है तो वैश्विक स्तर पर सप्लाई की दिक्कतों का इस पर असर पड़ता है, खासतौर पर तब जब मैन्युफैक्चरर्स हाई मार्जिन वाले एआई-ग्रेड मेमोरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। मेमोरी की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं और जनवरी में मासिक आधार पर DDR5 के कॉन्ट्रैक्ट रेट 119% और DDR4 कॉन्ट्रैक्ट 63% बढ़ गए जबकि NAND कॉट्रैक्ट प्राइस 37-67% उछल पड़े।
सीएलएसए का मानना है कि स्मार्टफोन वॉल्यूम को झटका लग सकता है क्योंकि मेमोरी की अधिक लागत से औसतन बिक्री भाव 10-25% बढ़ सकता है। इससे लोअर एंड के कंज्यूमर सेगमेंट में बिक्री प्रभावित हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने मीडियम टर्म में ग्रोथ को लेकर चिंता जताई। मॉर्गन स्टैनले ने इसे ₹8,157 का टारगेट प्राइस दिया जोकि सबसे कम है। ₹10 हजार के नीचे इसे चार ब्रोकरेज फर्मों ने टारगेट दिया है।
डिक्सन टेक के शेयर पिछले साल 25 सितंबर 2025 को ₹18471.50 पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। इस हाई से यह चार ही महीने में 46.79% फिसलकर 30 जनवरी 2026 को ₹9828.00 पर आ गया।

