गलत जानकारी वाले FASTag ब्लैकलिस्ट होंगे, गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर होगा वेरीफाई
मुंबई- केंद्र सरकार ने बुधवार को बैंकों से कहा है कि वे फास्टैग से जुड़े वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) की तुरंत जांच करें। अगर किसी FASTag में गाड़ी का नंबर गलत पाया जाता है या वह डेटा से मैच नहीं करता है, तो उसे तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यह कदम टोल सिस्टम में डेटा की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) सिस्टम में डेटा की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए NHAI ने सभी FASTag जारीकर्ता बैंकों को निर्देश दिए हैं।
बैंकों को उनके द्वारा जारी किए गए FASTag से जुड़े व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबरों का तत्काल वैलिडेशन करना होगा। इस कदम का उद्देश्य टोलिंग सिस्टम में हो रही गड़बड़ियों को खत्म करना है। यह फैसला उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें पाया गया था कि टोल प्लाजा पर लगे FASTag रीडर जो नंबर कैप्चर कर रहे हैं, वह वाहन की फिजिकल नंबर प्लेट से मेल नहीं खा रहा है।
सरकार के मुताबिक, इस तरह की गड़बड़ियों से न केवल सरकारी राजस्व यानी रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है, बल्कि यह मोटर वाहन अधिनियम-1988 के तहत दंडनीय अपराध भी है। इससे कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में भी रुकावट आती है।
सरकार का मानना है कि डेटा मिसमैच की सबसे ज्यादा समस्या उन FASTags में है जो वाहन (VAHAN) डेटाबेस के साथ जोड़ने से पहले जारी किए गए थे। उस समय वेरिफिकेशन की प्रोसेस मैन्युअल होती थी, जिससे गलतियां होने की संभावना ज्यादा रहती थी।

