भारत-ब्राजील कृषि सहयोग से बदलेगी किसानों की तस्वीर, एआई और डेयरी क्षेत्र में बड़ा समझौता
नई दिल्ली: भारत और ब्राजील के बीच कृषि, डेयरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में सहयोग का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। एआई समिट में शामिल होने भारत आए ब्राजील के कृषि विकास एवं पारिवारिक खेती मंत्री पाउलो टेक्सेरा ने कृषि-प्रौद्योगिकी कंपनी लीड्स कनेक्ट के AI आधारित एकीकृत कमांड सेंटर फॉर रिस्क इंटेलिजेंस (ICCRI) और बड़े स्तर के AI मंच केदार–पार्वती का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के किसानों के बीच साझेदारी वैश्विक कृषि पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है और इससे किसानों की आय और उत्पादकता में जबरदस्त सुधार होगा। यहां तक की अमेरिका को भी हमारे किसान मुसीबत में डाल सकते हैं।
भारतीय किसानों के काम देख चौंके मंत्री
ब्राजील के कृषि मंत्री ने भारतीय किसानों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारत में किसानों द्वारा अपनाए जा रहे मॉडल और तकनीक बेहद प्रभावशाली हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत और ब्राजील के किसान मिलकर काम करें, तो यह वैश्विक कृषि बाजार में एक मजबूत ताकत बन सकता है। इसी दिशा में ब्राजील भारतीय किसानों को अपने देश आने का आमंत्रण देगा, ताकि वे वहां की आधुनिक कृषि तकनीकों, बड़े पैमाने की खेती और प्रबंधन प्रणालियों को समझ सकें और उपयोगी नवाचारों को भारत में अपनाया जा सके।
भारत ने हमें दी थी गिर गाय, अब हम वापस करेंगे
ब्राजील के कृषि मंत्री ने भारत के फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) मॉडल की भी सराहना की और इसे छोटे किसानों को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने बताया कि ब्राजील में आज डेयरी क्षेत्र की सफलता में गिर गाय की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसे कई वर्ष पहले भारत से वहां ले जाया गया था। आधुनिक प्रबंधन और उन्नत प्रजनन तकनीकों के कारण ब्राजील में ये गायें प्रतिदिन 45-50 लीटर तक दूध दे रही हैं। अब इन उन्नत नस्लों और तकनीकों को फिर से भारत लाने की पहल की जा रही है, ताकि भारतीय किसानों को भी इसका लाभ मिल सके। इसके लिए भारतीय कंपनी बीएल कामधेनु ने ब्राजील की कंपनी के साथ समझौता किया है।
एआई से बदलेगी खेती की दिशा
ब्राजील के कृषि मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा। उन्होंने बताया कि भारत द्वारा विकसित एआई आधारित समाधान भारत और ब्राजील दोनों देशों के किसानों की आय बढ़ाने और नुकसान कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस दिशा में भारत की एग्री-टेक कंपनी लीड्स कनेक्ट ने ब्राजील की कंपनियों के साथ साझेदारी की है। भारत में विकसित एआई तकनीक ‘केदार पार्वती’ ‘अग्रणी’ को ब्राजील में भी लागू किया जाएगा, जिससे फसल की निगरानी, जोखिम प्रबंधन, संसाधनों का बेहतर उपयोग और उत्पादन में वृद्धि संभव होगी। इन तकनीकों से खेती में होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
नए युग की शुरुआत
ब्राजील के कृषि मंत्री ने कहा कि एआई, डेयरी जेनेटिक्स, किसान प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के माध्यम से भारत और ब्राजील के बीच कृषि संबंध एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों देशों की ताकत-भारत का नवाचार और किसान नेटवर्क तथा ब्राजील का बड़े पैमाने का कृषि अनुभव मिलकर लाखों किसानों के लिए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इस दौरान भारतीय उद्योगपति आशीष खंडेलवाल, नवनीत रविकर के साथ मिलकर उन्होंने भारत-ब्राजील के बीच कृषि और तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।

