पांच दिग्गज ऑटो कंपनियों का बड़ा दांव, एक लाख करोड़ निवेश से 65% बढ़ेगा कार उत्पादन

मुंबई- देश की पांच बड़ी कार कंपनियां अगले 5-6 साल में करीब एक लाख करोड़ रुपए निवेश करके उत्पादन क्षमता 65% तक बढ़ाने जा रही हैं। इससे कारों का सालाना उत्पादन 55 लाख से बढ़कर 90 लाख तक पहुंच सकता है। बढ़ती मांग के बीच इससे सप्लाई बढ़ेगी, नए मॉडल आएंगे और लोकप्रिय मॉडलों के लिए इंतजार की अवधि घट सकती है।

देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटा फिलोस्कर मोटर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने आक्रामक विस्तार की योजना बनाई है। इसके तहत भारी-भरकम निवेश से नए कारखाने खोले जाएंगे। एसयूवी, ईपी और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर जोर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि आगामी वर्षों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे अभी के मुकाबले कम कीमतों पर बेहतर फीचर वाली कारें बाजार में आ सकती हैं।

मारुति सुजुकी अभी सालाना 26 लाख कारें बना सकती है। 2027 से 2030 के बीच अतिरिक्त 15 लाख कारों की उत्पादन क्षमता जोड़ेगी। गुजरात के गांधीनगर में सालाना 10 लाख कारों का नया बड़ा प्लांट लगेगा। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी बाजार हिस्सेदारी बचाना चाहती है।

टोयोटा किलोस्कर मोटर उत्पादन क्षमता दोगुनी सालाना 10 लाख कारों तक पहुंचाने जा रही है। बिदादी (कर्नाटक) प्लांट का विस्तार करेगी। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नया बड़ा कारखाना लगाएगी। इससे फॉच्यूनर, इनोवा जैसे मॉडलों की लंबी वेटिंग कम हो जाएगी।

महिंद्रा एंड महिंद्रा कंगनी नागपुर में 5 लाख और चाकण में 2.4 लाख यूनिट की नई फैसिलिटी जोड़ेगी। अभी उत्पादन क्षमता सालाना 7.74 लाख कारों की है। 2030 तक इसे 15 लाख से ऊपर ले जाने का लक्ष्य है। 2027 में आने वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी रेंज के लिए यह जरूरी है।

टाटा मोटर्स नई ईवी, एसयूवी उतारेगी कंपनी तमिलनाडु में नया प्लॉट लगाएगी। जिसमें 9,000 करोड़ रुपए लगेंगे और सालाना 2.5 लाख कारें बनेगी। मौजूदा फैक्ट्रियां सालाना 8.5 लाख तक कारें बना रही हैं। कंपनी इलेक्ट्रिक कारों और एसयूवी के नए मॉडलों पर फोकस करेगी। नए मॉडल उतारेगी।

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